Dost Ki Mummy ka Pyari Chut Mila

मैंने पहली बार उनको इस ड्रेस में देखा था, वे गजब की सेक्सी लग रही थी और उनको देखते ही मेरे दिमाग के घोड़े बेकाबू हो गये और मैंने लपक कर उनको अपनी बाहों में भर लिया और उनके होठों को कसकर दबा दबाकर चूसने लगा। मेरी बेसब्री को देखते हुए बीच में रोककर बोली कि आराम से, अभी हमारे पास पूरी रात है। पर मैं बिना रूके कभी उनके होठ चूमता तो कभी उनके गले पर किस करता। फिर मैं उनकी चूचियों को नाइटी के ऊपर से चूसने लगा और फिर धीरे से नाइटी उठाकर उनकी चूत तक पहुंच गया और उंगली से उनकी चूत को कुरेदने लगा। इस बीच आंटी की सिसकियां निकलने लगी।

उनकी चूत बहुत सख्त थी, शायद कई महीनों की प्यासी थी, और मैं भी उनकी चूत को तेज से खोदने लगा। अब तक हम दोनों के शरीर का तापमान बढ़ चुका था और जल्द ही मैंने उनको पैंटी छोड़कर पूरा नंगा कर दिया और खुद मैं भी सिर्फ अंडरवियर में रह गया था। मैं उनकी नंगी चूचियों को मुंह में भर भर कर चूस रहा था। फिर धीरे से आंटी ने मेरे लंड को अंडरवियर से बाहर निकालते हुये कहा कि यह तो रवि के पापा से भी बहुत बड़ा है, और उसे जोर जोर से हिलाने लगी और बोली कि आज तुम्हारे इस बड़े से लंड से मेरी प्यास बुझा दो और जल्दी से इसे मेरी चूत में डालो। dost ki maa ko choda desi sex kahani

मैंने भी उनकी पैंटी धीरे नीचे सरका कर उतार दी। अब उनकी बिना बालों वाली लाल सी चूत मेरी आखों के सामने थी और जिसे देखते ही लौड़ा तन कर और भी मोटा हो गया और साथ ही आंटी पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और चुदने के लिए चिल्ला रही थी। इसके बाद मैंने भी अपने लंड पर थूक लगाया और उनकी गीली हो चुकी चूत में हल्के से डाल दिया और फिर आंटी बोली कि अब इंतजार नहीं होता और इसे पूरा डालकर मुझे खूब चोदों। आंटी की झटपटाहट को देखते हुये मैंने इस बार दम लगाकर पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया और गीली चूत में रगड़ते हुये आगे पीछे करने लगा। आंटी भी भरपूर मजा लेते हुए उछल उछल कर चुद रही थी और आइइइइइइ आउउउउ की आवाजें में शोर मचा रही थी।

और इसके बाद मैं उनको कई स्टाइलों में कभी ऊपर तो कभी नीचे करके चोदता रहा और वे भी मेरा पूरा साथ देती रहीं। मैं झड़ने के बाद अपना पानी चूत में ही छोड़ देता था। और रात भर मैंने करीब चार बार पूरी दम लगाकर झड़ने तक चोदा। और आंटी की चूत पूरी पानी से भर दी। हम दोनों सुबह तीन बजे तक चुदाई के मजे लेते रहे। और इस तरह मैंने उनको संतुष्ट किया।
तो दोस्तों, यह थी मेरी सच्ची कहानी जिसमें मैंने अपने दोस्त की माँ की चुदाई की। इस कहानी को पढ़ने के लिये आपका बहुत बहुत शुक्रिया। अपनी अगली कहानी के साथ मैं जल्द ही आऊँगा। धन्यवाद।

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