Dukan Wali Aunty Ki Chudai पड़ोसन आंटी की चुदाई

पड़ोसन दुकानवाली आंटी की चुदाई

Dukan wali aunty ki chudai

Dukan Wali Aunty Ki Chudai   गुड मॉर्निंग दोंस्तो, मेरा नाम सागर है, मेरी उम्र 22 साल कद 5’7”। हर लोगो की तरह मेरा भी मन सेक्स करने मैं लगता था लेकिन किसी के साथ कभी सेक्स किया नहीं था। मैं अपनी पढाई खत्म कर के घर पर ही था तो घर का काम काज देखता था और साथ मैं मूठ भी मारता रहता था। मेरा मन हमेशा लड़कियों के मुक़ाबले आंटीयो पर ज़्यादा लगता था।

तो उन दिनों घर का राशन आदि लाने के लिए मैं हर 8-10दिन मैं एक बार दुकान पर जाता था। उस दुकान मैं एक आंटी बैठती थी। आंटी की नाम नंदिनी है उम्र करीब 35 साल उनके दो बच्चे हे जो अभी स्कूल मैं पढ़ते हे और उनका पति का काम ऐसा था की सुबह 10 बजे जाते थे और दोपहर को आते थे। एक छोटा बिजनेस संभालते थे उनके पति।

मेने आंटी के बारे मैं नहीं बताया उनका फिगर 36-34-40 की है और वो हमेशा लो कट वाला ब्लाउस पहनती थी। जिसकी वजह से उनके बोब्स बाहर की तरफ निकलने कि फिराक़ मे रहता था और कसा हुआ था। आंटी हमेशा अपने बालो पर शेम्पू करके बाल खुले छोड़ते थे जिसे देख मेरा लंड खड़ा हो जाता था। किसी स्वर्ग की अप्सरा से कम नहीं थी वो। मैं जब भी आंटी की दुकान मैं जाता तो हमेशा उनके बड़े बड़े बोब्स को घूरता रहता था और यह बात धीरे धीरे आंटी को भी पता चल गई जब भी मेरी नज़र उनकी और जाती वो थोड़ी स्माइल दे देती थी।

एक दिन मैं समान लेने उनके यहाँ गया था। उस वक़्त करीब 11 बज रहे थे घर मैं सिर्फ़ वो और उनकी सास थी जो की ना के बराबर हे। तो मैं पहुँचते ही उनको समान की लिस्ट पकड़ा दी और वो एक एक करके समान पैक करने लगी। उस दिन भी वो अपने बालों पर शेम्पू किए थी और बाल खुले छोड़ रखे थे और हर दिन से ज़्यादा सेक्सी लग रही थी। उन्हे देख कर मेरा बुरा हाल हो रहा था और मेरा लंड पेन्ट मैं से साफ खड़ा दिखाई दे रहा था और यह बात आंटी ने नोटीस कर ली। सारे समान देने के बाद उन्होने मुझे चाय पी कर जाने के लिए बोला और मैं तुरंत राज़ी हो गया।

जैसे ही आंटी चाय बनाने के लिए किचन मैं गयी मैं भी उनके पीछे पीछे गया और उनको पीछे से कस के पकड़ लिया वो हेरान हो गयी और मुझसे छुड़ाने लगी लेकिन मेरा पकड़ इतना मजबूत था की वो जा नहीं पाई। इस दौरान मै उनके बालो को सूंघने लगा क्या खुशबु थी यारो पूछो मत। फिर मैने उनके बालो से हट कर उनकी पीठ पर किस करने लगा सारी पीठ पर जीभ फेरने लगा। फिर अपनी ज़ुबान उनकी गर्दन की और ले गया और सभी और किस करता रहा और उनकी मोटी गांड पर अपना खड़ा हुआ लंड रगड़ने लगा।

आंटी तो पहले छुड़ाने कोशिश कर रही थी और अब वो भी आहे भरने लगी थी। अचानक ही आंटी पीछे मुड़ी और मुझे अपने गले से लगा लिया और अपनी होंठ मेरी होंठो पर रख दिए। मैने अपनी ज़ुबान उनके मुह के अंदर धकेल दी और वो मेरे जीभ को चूसने लगी करीब 10 मिनिट तक हम लोग ऐसे ही किस करते रहे और फिर अलग हो गये। उसके बाद उन्होने बेडरूम मे जाने के लिए बोला और हम वहाँ चलने लगे। आंटी मुझ से लिपटने लगी और मेरी पेन्ट की जीप खोल कर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया।

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