जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई Sex Kahani Hindi – SexKahanni.COM

जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई Sex Kahani Hindi

जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई

(Jungle Me Bhabhi Ne Devar Se Choot Chudai)

जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई
मैं पूरी रफ्तार से जंगल में भाग रही थी..
Desi kahani Hindi गनीमत थी कि नीचे हरी घास थी वरना साड़ी पहन कर भागना मुश्किल हो जाता।मेरे पीछे पुनीत दौड़ रहा था.. अचानक उसका हाथ मेरे ब्लाउज पर पड़ा और मेरा ब्लाउज चर्र… की आवाज के साथ फट गया।
मेरे मुंह से निकला- नहीं पुनीत, ऐसा मत करो.. Indian Sex Story मैं तुम्हारी भाभी हूं… ऐसा मत करो, मेरा जबरन चोदन मत करो!मेरे ऐसा कहते ही पुनीत का हाथ रुक गया, उसने मुझ से पूछा… क्या हुआ भाभी… अब रोक क्यों रही हो?उसका सवाल सुनकर मैंने हल्के से उसके गाल पर चपत लगाई और कहा- तुम सच में मेरा जबरन चोदन थोड़े कर रहे हो! यह तो जबरन चोदन का गेम है… हम दोनों की मर्जी से हो रहा है… मैं अपना रोल कर रही हूं और तुम अपना… मैंने तुम्हें रुकने को थोड़े बोला था… जब जबरन चोदन होता है तो हर औरत ऐसे ही बोलती है। तुम फिल्मों में नहीं देखते, वहां भी जबरन चोदन सीन होते है लेकिन सच में कोई हीरो किसी हीरोइन से जबरन चोदन नहीं करता है। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाईमेरी बात सुनकर पुनीत बोला- हां भाभी… ऐसा रोल पहली बार कर रहा हूं और आपकी मर्जी से कर रहा हूं इसलिये रुक गया… अगली बार ऐसा नहीं करूंगा।

दरअसल पुनीत मेरे रिश्ते का देवर था।
मेरे पति रवि पिछले दिनों दफ्तर के काम से श्रीनगर आये थे। XXX Hindi Story  बाद में उन्होंने मुझे भी बुला लिया था।
पूरे पंद्रह दिन का कार्यक्रम था।

यहां आकर पता चला कि पुनीत भी श्रीनगर में है इसलिये हम तीनों अपना शाम का समय एक साथ बिताने लगे थे।

एक दिन अचानक मेर पति रवि के दफ्तर से फोन आया जिसमें उन्हें दौरा रद्द कर तुरंत दिल्ली लौटने के लिये कहा गया था।
रवि ने मुझसे कहा कि वो अकेला ही जा रहा है और मैं बाद में पुनीत के साथ आ जाऊं क्योंकि इतनी जल्दी सभी के लौटने का टिकट नहीं मिल सकता था।

रवि के जाने के अगले दिन पुनीत ने मुझसे कहा- श्रीनगर के पास ही एक कैंप लगा है, जहां दो दिन सैर सपाटा किया जा सकता है।
मुझे उसकी बात सही लगी और हमने कार से कैंप तक जाने की तैयारी कर ली। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई

कैंप का रास्ता पांच-छः घंटे का था।
हम सुबह ही कार से निकल पड़े।

पहले दो घंटे का सफर तो अच्छा रहा, पुनीत खूब हंसी मजाक करता रहा, बाद में वो बोला- हम लोग भटक गये हैं।

हमने पास में एक व्यक्ति की मदद ली जिसे हमारी बात समझ में नहीं आई लेकिन उसने सामने की तरफ इशारा कर दिया।

सामने का रास्ता कार के लायक नहीं था लेकिन मरता क्या न करता… हम उसी रास्ते पर निकल पड़े।

लेकिन अगले तीन घंटे बाद भी हम कैंप तक नहीं पहुंच सके। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई
जाहिर है हम फंस चुके थे… हमारे फोन की बैटरी भी खत्म हो चुकी थी लेकिन शुक्र था कि गाड़ी में खाने पीने का काफी सामान था।

हमने रात का समय गाड़ी में ही बिताने का तय किया।
मैं कार की पिछली सीट पर लेट गई और पुनीत अगली सीट पर लेटा।

रात के समय मुझे रवि की बहुत याद आ रही थी, उसके दफ्तर वालों पर भी गुस्सा आ रहा था।
अगर वो रवि को नहीं बुलाते तो इस समय रवि मेरी चुदाई कर रहा होता। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई

मैंने हल्के से आगे की सीट पर देखा तो पुनीत सोया हुआ लग रहा था।
मेरे हाथ चूचियों पर चले गये, मैं उन्हें मसलने लगी।
मेरे मुंह से कराहने की आवाज निकलने लगी।

थोड़ी देर बाद मेरा एक हाथ मेरी चूत में चला गया।
इसके बाद मैं उछलने लगी और थो़ड़ी ही देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।
इसके बाद मैं गहरी नींद में सो गई। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई

शायद मेरे कराहने की आवाज सुनकर ही पुनीत जाग गया।
वो पिछली सीट पर लेटा-लेटा सब देखता रहा लेकिन मुझे छूने की हिम्मत उसे नहीं प़ड़ी।

अगले दिन सुबह तड़के मेरी आंख खुली तो पुनीत अगली सीट पर नहीं था।
मैंने चौंक कर बाहर की तरफ देखा तो पुनीत नहा कर आ रहा था।
शायद उसे आसपास कोई तालाब मिल गया था।

उसने एक तौलिया लपेट रखा था।
हट्टे-कट्टे पुनीत को देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया, मैंने खुद को छिपाते हुए उसके ऊपर निगाह बनाये रखी।

धीरे धीरे वो कार तक आ गया…
उसे देखकर मैंने सोने का नाटक किया।

इसके बाद उसके चलने की आवाज आई तो मैंने फिर कार के शीशे से बाहर झांका।
पुनीत थो़ड़ी दूर ख़़ड़ा था, वो आसपास देख रहा था।

थोड़ी देर में पुनीत ने तौलिया भी उतार फेंका।
उसका तना हुआ मोटा लंड अब मेरी आंखों के सामने था… मेरे मुंह में पानी आ गया था।

पुनीत ने लंड को मेरी तरफ किया और अपना एक हाथ लंड पर जमा दिया।
इसके बाद वो तेजी से लंड को रफ्तार देने लगा। जंगल में भाभी ने देवर से चूत चुदाई

थोड़ी देर में पुनीत का शरीर कांपने लगा, उसकी आंखें बंद हो गई थीं, शायद उसका लंड पानी छोड़ने वाला था।

ठीक इसी समय मैं कार से बाहर निकली और जोर से चिल्लाई- पुनीत… यह क्या कर रहे हो?
मैंने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहा- अपनी भाभी के सामने ये सब करते शर्म नहीं आती?

पुनीत ने चौंक कर आंख खोली- उसका हाथ भी रुक गया था लेकिन उसके लंड को पूरी रफ्तार मिल चुकी थी।
पुनीत के लंड से एक तेज धार निकली और मेरे पास आकर गिरी… इसके बाद लंड से पानी निकलता रहा और पुनीत वहीं गिर कर लेट गया।

मन तो मेरा भी कर रहा था कि उसके लंड को चाट कर साफ कर दूं लेकिन एक संकोच बाकी था।

आगे पढ़ने केलिए NEXT बटन के ऊपर क्लिक करो

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!