मेरी सुहागरात एक कॉल गर्ल के साथ Sex Story Hindi – Page 2 of 3 – SexKahanni.COM

मेरी सुहागरात एक कॉल गर्ल के साथ Sex Story Hindi

मेरी सुहागरात एक कॉल गर्ल के साथ  वो खुद ही बोली- क्या पसंद करेंगे आप?

मैंने कहा- देखिये सच कहूँ, तो मुझे खुद नहीं पता कि मैं आपके साथ क्या करूँ?

‘ब्लू फिल्में तो देखते होंगे?’ उसने पूछा।

‘हाँ बहुत देखी हैं, पर फिल्म और ज़िंदगी में बहुत फर्क होता है।’ मैंने कहा।

‘ओके फिर मैं ही शुरू करूँ…’ उसने कहा।

मैंने हाँ की तो वो उठ कर अपनी शर्ट उतारने लगी।
मैंने कहा- एक मिनट, अभी कपड़े मत उतारो प्लीज।

वो रुक गई- आप यहाँ बेड पे लेट सकती हैं।

वो लेट गई।

‘थोड़ा साइड में…’ मैंने कहा तो वो करवट लेकर लेट गई, अब उसका एक बड़ा सा क्लीवेज बन रहा था।

मैंने उसके क्लीवेज पर हाथ फेर के देखा- मैं अक्सर अपने घर में रिश्तेदारी में औरतों और लड़कियों के क्लीवेज देखता था और छूना चाहता था, पर कभी छू नहीं पाया था, आज मेरी इच्छा पूरी हो गई।

वो मुझे देख कर मुस्कुराती रही और जैसे जैसे मैं उसको कहता गया, वो करती गई। फिर मैंने उसको उल्टा लिटाया और आगे से उसके क्लीवेज को छूकर सहला कर और चूमकर देखा। जब वो उल्टी लेटी थी तो उसके चूतड़ों को भी सहला कर देखा।
फिर मैंने उसे अपने ऊपर लिटाया और अपने दोनों हाथों से उसकी पीठ सहलाई, पीठ तो पीठ औरत के ब्रा से स्ट्रैप सहला कर भी बड़ा मज़ा आता है बाई गोड।

‘किस मी…’ मैंने कहा तो उसने दोनों हाथों से मेरा चहरा पकड़ा और खुद मेरे होंठों पे किस किया।

‘इतना छोटा किस नहीं, लंबा किस, चूस जाओ मेरे होंठों को…’ मैंने कहा तो उसने मेरा नीचे वाला होंठ अपने होंठों में ले लिया और चूसने लगी, उसने अपनी जीभ मेरे नीचे वाले होंठ पर फेरी, मैंने भी उसका ऊपर वाला होंठ वैसे ही चूसा और चाटा।

चूमते चूमते उसने अपनी जीभ ही मेरे मुँह में डाल दी। फिल्मों में तो मैंने देखा था, पर असल ज़िंदगी का एहसास वाकई बहुत कमाल का था।
मैंने उसकी और उसने मेरी जीभ चूसी। मैंने उसकी पीठ सहलाते सहलाते, उसकी शर्ट के अंदर हाथ डाल कर उसके ब्रा को छूने का आनन्द लिया, उसके चूतड़ सहलाए, उसकी पाजामी के अंदर हाथ डाल कर उसकी पेंटी और उसके नग्न चूतड़ों को दबा दबा कर मज़ा लिया।

फिर मैंने उसे अपने ऊपर से उतार दिया- मैं तुम्हें बिलकुल नंगी देखना चाहता हूँ।

वो उठ कर कपड़े उतारने लगी तो मैंने रोक दिया- नहीं, तुम्हें नंगी भी मैं खुद ही करूँगा।

वो मुस्कुरा पड़ी। मैंने खुद उसकी शर्ट उतरी, फिर अंडरशर्ट भी उतार दी। पहली बार मेरे सामने एक औरत ब्रा में थी, मैंने उसके बूब्स पकड़ लिए, उन्हें चूमा, दाँतो से भी काटा, वो मेरे बाल सहलाती रही।

मैंने उसे घुमाया और पीछे से उसके ब्रा की हुक खोली, फिर मैंने उसकी चूड़ीदार पाजामी का नाड़ा खोला और उसकी पाजामी उतरवा दी।
मैंने उसे अपनी गोद में बैठाया और उसकी जांघों, पेट और टाँगों को भी प्यार से सहला कर छू कर चूमकर देखा।

‘बहुत मज़े ले रहे हो?’ वो बोली।

‘सिमरन, तुम मेरी ज़िंदगी की पहली औरत हो, तो मज़े लेने तो बनते हैं।’ मैंने कहा।

‘तो जी भर के लो, मेरा सारा बदन तुम्हारा है, जैसे चाहो जो मर्ज़ी कर लो। मना लो अपनी सुहागरात मेरे साथ !’ उसने मुझे खुली छूट दे दी।

‘तुम क्या क्या करती हो सिमरन?’ मैंने पूछा।

‘सब कुछ करती हूँ, तुम क्या करवाना चाहते हो?’ उसने जवाब में सवाल किया।

‘जो जो ब्लू फिल्मों की हीरोइन करती हैं, वो सब करती हो?’ मैंने बहुत जिज्ञासु होकर पूछा।

‘ हाँ, वो सब करती हूँ, आगे पीछे ऊपर नीचे, सब जगह करती हूँ।’

मुझे उसका जवाब सुन कर बड़ी खुशी हुई। मैंने अपने भी कपड़े उतार दिये सिर्फ चड्डी छोड़ कर, मैंने सिमरन को बेड पे लिटाया और खुद उसके ऊपर लेट गया।
उसने भी मुझे बाहों में कस लिया और अपनी टाँगें मेरी कमर के गिर्द लपेट ली, मैं चड्डी में से ही अपना पूरी तरह तना हुआ लण्ड उसकी चूत पे रगड़ने लगा।

उसने अपनी ब्रा उतारी और अपना एक बूब मेरे मुँह में दे दिया- चूसो इसे!

यह काम मुझे मनपसंद लगा, मैंने बारी बारी से उसके दोनों बूब्स खूब चूसे, दबाये, उन्हें जी भर के और पूरे ज़ोर से मसला कि सिमरन के मुँह से सी सी की आवाज़ें निकल पड़ी।

मैं बहुत खुश था। फिर मैं उठा और उठ कर सिमरन की पेंटी उतारी। पेंटी के नीचे एक साफ, शेव की हुई चूत दिखी। मैंने बड़े प्यार से उसकी दोनों टाँगों को चौड़ा किया और खोल कर उसकी चूत देखी, उसे सहला कर, उसके दोनों होंठ खोल कर उसके अंदर देखा, अंदर से गुलाबी फांकें दिख रही थी।

मैंने अपनी एक उंगली उसके अंदर डाल कर देखी, वो थोड़ा सा कसमसाई।

‘मैं इसे चाट सकता हूँ?’ मैंने पूछा।

‘हाँ’ वो बोली- पर पहले मैं इसे धो कर आती हूँ।

वो उठी और बाथरूम में चली गई, मैं उसके जाती हुई के गोल गोल मटकते चूतड़ देखता रहा।

एक मिनट में ही वो अपनी चूत धो कर तौलिये से साफ करती हुई बाहर आ गई और फिर से मेरे सामने बेड पे टाँगें चौड़ी करके लेट गई।
मैं भी उसकी टाँगों के बीच लेट गया, पहले मैंने उसकी चूत के आसपास, कमर पर चूमा, थोड़ी से जीभ फेरी, फिर उसकी चूत की दरार पे जीभ फेरी, फिर हल्के जीभ दबा कर फेरी तो जीभ दरार के अंदर चली गई, इस बार पहली बार मुझे चूत के स्वाद का पता चला। बेशक नया था, पर अच्छा लगा।

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मैं जीभ चलाता रहा और उसकी चूत के दाना, और नीचे उसकी चूत का सुराख तक सब चाट गया। मुझे सच में चूत चाटना अच्छा लगा। उसको भी शायद मज़ा आया तो उसने मेरा सर अपनी दोनों जांघों में भींच लिया और एक हाथ से मेरा सर सहलाने लगी और दूसरे हाथ से अपने ही स्तन दबाने लगी।

मुझे लगा जैसे मैं उसे तड़पा रहा हूँ। मैंने और अंदर तक जीभ डाल कर उसकी चूत चाटी। उसकी चूत पानी से भीग गई, मैं उसकी चूत से छूटने वाला पानी भी चाट रहा था।
उसने दोनों हाथों से मेरे सर के बाल पकड़े और खींच कर ऊपर ले आई- अब मार ही डालोगे क्या, बस करो।
वो तड़प कर बोली।

‘क्यों क्या हुआ?’ मैंने पूछा।  मेरी सुहागरात एक कॉल गर्ल के साथ

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